Saturday, November 29, 2008

२ येअर्स एंड कोउन्तिंग...OK

ओके,
नो माय ब्लॉग इस औतोमातिकाल्ली ट्रांस्लातिंग इत्सेल्फ़ इन्तो हिन्दी इन्तेरेस्तिंग व्हेन क्रेअतेद माय याहू अकाउंट वास गिवें अन -मेल एड्रेस इन इंडिया क्रेअतेद थिस अकाउंट इन फ्रांस ऍम अमेरिकन एंड, ठेरेफोरे, राइट माय ब्लोग्स इन इंग्लिश वहत इस हप्पेनिंग?

वास गोइंग तो राइट इन माय ब्लॉग टुडे अबाउट हाउ आईटी हस ताकें में तवो येअर्स तो बिल्ड माय फाउंडेशन फॉर माय ऑनलाइन नेटवर्क तवो येअर्स, फौर न्यू सोशल नेट्वर्किंग साइट्स एंड, नो...वेल, गेस माय फंस इन इंडिया विल हवे एवें मोरे एक्सेस तो माय ओब्सेर्वशन्स एंड थौघ्ट्स फॉर माय नॉन-हिन्दी रेअदेरस, प्लेस ट्रांसलेट थिस पोस्ट दो नोट क्नोव वहत तो दो तो चंगे थे सेटिंग बेक तो इंग्लिश, म्य्सेल्फ़

तेरे इस अल्वाय्स तलक ऑफ़ थे पॉवर ऑफ़ थे इन्टरनेट बुत फॉर सोमोने तो चंगे यौर प्रेफेरेंसस विथौत कांसुल्टिंग यू? थिंक ठाट इस अबुसे (सॉरी हिन्दी रेअदेरस, ऍम नोट त्र्यिंग तो शूट यू आउट बुत यू कैन इमागिने माय सुरपरिसे!!!)

ओह वेल...

That is what my post editor was doing earlier: auto-translation in Hindi. I am not offended by the language choice, in fact, I find Hinduism fascinating. I did have a bit of a shock, though, that someone saw to it to change my preferences by apparently hacking into my account. Oh well, I can calm myself, now that I seem to have repaired this. Yes it would have been fun, for a minute, to let everyone think that I could write in Hindi...could my Hindi readers comment back to me and let me know how I did? Maybe I was just a bit concerned that the US State Department might get involved...

Well, that was exciting enough to leave this post as is.

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